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संसदीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवालने कंपनी सचिवों के 48 वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्धघाटन इंदौर में किया
कंपनी सचिवों के 48 वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन 17 दिसंबर, 2020 को अंबर कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में “गवर्नेंस: फ्रॉम ग्रासरूट्स टू ग्लोबल” विषय पर किया गया, जिसके मुख्य अतिथि भारत सरकार के संसदीय कार्य मामलों और भारी उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रम के माननीय राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल रहे एवं विशिष्ट अतिथि इंदौर के माननीय सांसद श्री शंकर लालवानी जी थे।
श्री मेघवाल ने भारत सरकार की दूरदर्शिता के अनुरूप ग्राम पंचायत और चैरिटी गवर्नेंस की बैठकों के लिए आदर्श शासन संहिता के विकास में संस्थान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा “मुझे सीएस परिवार का हिस्सा होने पर गर्व है। शहीद की बेटी प्रमाणपत्र सहित आईसीएसआई की सभी पहल, आईसीएसआई के आदर्श वाक्य को अपनाना – सत्यम वदं – धर्मम चर, और अंगवस्त्रम की प्रस्तुति सभी प्रशंसनीय हैं।
उन्होंने आगे कहा “जहां सरकार इस देश के लोगों को पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह शासन प्रदान करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रही है, वही आईसीएसआई इस तरह के अधिवेशन का आयोजन करके सुशासन की सुविधा प्रदान करने वाले उच्च क्षमतावान पेशेवरों को विकसित करने के अपने मिशन पर जोर देता है” .
श्री लालवानी ने इस अवसर पर संस्थान को बधाई दी और कहा “कंपनी सचिव प्रोफेशनल भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार है।
शासन के महत्व पर और मॉडर्न डे के शासन के पेशेवरों के लिए आवश्यक आंतरिक गुणों पर बल देते हुए, संस्थान ने देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और IIM से पहले तकनीकी सत्र “स्मार्ट वर्कफोर्स का निर्माण: परिवर्तनशील गतिकी और India Inc. की जरूरत” पर विचार-विमर्श किया । पैनल चर्चा का उद्देश्य देश में गवर्नेंस आधार को मजबूत करने और इसे फिर से बनाने के लिए ज्ञान का एक पूल बनाने के लिए आवश्यक कौशल सेट पर चर्चा करना था ।
बीएसई लिमिटेड के एमडी और सीईओ श्री आशीष कुमार चौहान भी इस अवसर पर उपस्थित थे और उन्होंने बेहतर कार्यकुशलता एवं वर्कफोर्स के निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला।
ICSI ने इस विशेष अवसर पर DAV इंदौर, IIM अमृतसर, IIM नागपुर और पुणे विश्वविद्यालय के साथ अपनी अकादमिक सहयोग पहल के तहत चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
यह दिन श्री दिव्य प्रकाश दुबे प्रख्यात बेस्टसेलर लेखक के एक आनंदमय प्रेरक सत्र के साथ समाप्त हुआ।
अपने अध्यक्षीय उध्बोधन में ICSI के अध्यक्ष सीएस आशीष गर्ग ने कहा की “नए युग के शासन की भूमिका को अब देश के व्यावसायिक पर्यावरण और कॉर्पोरेट प्रशासन को मजबूत करने के लिए पुनर्परिभाषित किया गया है। संस्थान ने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच की खाई को पाटने के प्रयास में, विद्वानों के एक समूह के साथ नई शिक्षा नीति को डिकोड करने में मदद करेगा एवं एक मंच प्रदान करेगा ताकि वह नयी चीजे सीख सके और उभरती प्रौद्योगिकियों के बढ़ते प्रभाव को समझ सकें एवंम उसके अनुरूप कार्य सकें ।
ICSI के उपाध्यक्ष सीएस नागेंद्र डी राव, केंद्रीय परिषद् सदस्य और 48 वें राष्ट्रीय अधिवेशन के अध्यक्ष सीएस बी नरसिम्हन, कार्यक्रम समन्वयक एवं पश्चिम भारतीय क्षेत्रीय परिषद् के अध्यक्ष सीएस राहुल पी सहस्रबुद्धे , प्रोग्राम फैसिलिटेटर इंदौर चैप्टर के चेयरमैन सीएस अमरीश कुमार चौरसिया एवं भोपाल चैप्टर के चेयरमैन सीएस प्रणय पटेल एवं ICSI के सचिव सीएस आशीष मोहन भी इसमें उपस्थित रहे ।


